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Friday, 11 May 2012

रिश्ता

                                                                                  

एक थी सत्री 
और
 एक था पुरुष 
दोनों में कोई रिश्ता न था .
फिर भी दोनों एक साथ रहते थे .
बेइंतिहा प्यार करते थे एक-दूसरे  को ,
तन-मन-धन से !

दोनों में नहीं निभी ,
अलग हो गए दोनों !

किसी नें सत्री से पुछा -
वो पुरुष तुम्हारा कों था ?
सत्री नें कहा -
प्रेमी जो पति नहीं बन सका !

किसी ने पुरुष से पूछा -
वो सत्री तुम्हारी कों थी ?
उत्तर मिला -
"रखैल"!!!

दीप्ती मिश्र